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मौत शायरी | Maut Shayari in Hindi

Maut Shayari in Hindi - एक न एक दिन हम सबको जाना है और कहते है की जो चीज इस दुनियां में आयी है उसका अंत अवश्य होगा लेकिन पता नहीं क्यों मरने से डरते है। विज्ञान के एक रिसर्च से पता चला है की हर एक व्यक्ति के अंदर एक ऊर्जा होती है जो हमेशा जीवित रहती है लेकिन सिर्फ शरीर बदलते रहते है। कहा जाता है की जब भी कोई नई चीज का आविष्कार होता है तो उस आविष्कार की वजह से काफी सारे चीजे खत्म हो जाती है वैसे ही जब एक नई जीवन का आविष्कार होना होता है तो हमको पुराना शरीरी छोड़ना पड़ता है।

जो मरने से डरता है वो कभी भी कहकर नई जी सकता क्युकी उसको हर वक्त बस मरने का दर रहेगा। जीवन में इतनी रोमांचक चीजे है जिनको करने में जान का खतरा होता है लेकिन बहुत ही ज्यादा मजेदार होता है। मरने से कभी मत डरिये और कभी भी खुद खुदकुशी मत करिये क्युकी जिंदगी बहुत खास होती है तो इसका प्रयोग करिये और सही कर्मों में इसको लगाइये। किसी लड़की के छोड़ जाने पर मर जाना कही की समझदारी नहीं है।

Maut Shayari in Hindi

आज के इस लेख में हमने आपके लिए Maut Shayari साझा की है जिनको आप पढ़ सकते है और अपने सोशल मीडिया पर लगा सकते है या फिर अपने गर्लफ्रेंड, दोस्त को भी भेज सकते है जिसका आप इम्तहान लेना चाहते है लेकिन इन शायरियों को पढ़कर आप किरपा करके कोई गलत कदम नहीं उठाये क्युकी यह जिंदगी बहुत खास है और इस जिंदगी के आप ही करता धर्ता हो।

Maut Shayari in Hindi

कहाँ ढूंढोगे मुझको, मेरा पता लेते जाओ,
एक कब्र नई होगी उस पर जलता दिया होगा।

जिन्दगी कशमकश-ए-इश्क के आगाज का नाम,
मौत अंजाम इसी दर्द के अफसाने का।

अब मौत से कह दो कि नाराज़गी खत्म कर ले,
वो बदल गया है जिसके लिए हम ज़िंदा थे​।

मौत तेरा डर नहीं मुझको,
क्योंकि मारा है जीते जी अपनो ने मुझको।

क्या कहूँ तुझे... ख्वाब कहूँ तो टूट जायेगा,
दिल कहूँ, तो बिखर जायेगा।
आ तेरा नाम ज़िन्दगी रख दूँ,
मौत से पहले तो तेरा साथ छूट न पायेगा।

एक दिन हम भी कफ़न ओढ़ जायेंगे,
सब रिश्ते इस जमीन के तोड़ जायेंगे,
जितना जी चाहे सता लो मुझको,
एक दिन रोता हुआ सबको छोड़ जायेंगे।

तेरी ही जुस्तजू में जी लिया इक ज़िंदगी मैंने,
गले मुझको लगाकर खत्म साँसों का सफ़र कर दे।

मिली है बेवफ़ाई जब से, ना मैने दिल फिर लगाये,
तुम्हारी दोस्ती से बेहतर, मुझे मौत ही आ जाये।
Maut Shayari in Hindi

तुम दर्द भी हो मेरा और दर्द की दवा भी हो,
मेरी मौत का कारण भी हो तुम, जीने की वजह भी हो,
खुली नज़रो से तुम दूर हो बहुत मुझसे,
बंद आँखों में हर जगह मेरे पास भी हो तुम।

यूँ तो हादसों में गुजरी है हमारी ज़िन्दगी,
हादसा ये भी कम नहीं कि हमें मौत न मिली।

मौत-ओ-हस्ती की कशमकश में कटी उम्र तमाम,
गम ने जीने न दिया शौक ने मरने न दिया।

वो मौत की परछाई थी,
जो जिंदगी बन कर आई थी।

इक तुम हो जिसे प्यार भी याद नहीं,
इक में हूँ जिसे और कुछ याद नहीं,
ज़िन्दगी मौत के दो ही तो तराने हैं,
इक तुम्हें याद नहीं इक मुझे याद नहीं।

वादे तो हजारों किये थे उसने मुझसे,
काश एक वादा ही उसने निभाया होता,
मौत का किसको पता कि कब आएगी,
पर काश उसने ज़िन्दा जलाया न होता।

खबर सुनकर मरने की वो बोले रक़ीबों से,
खुदा बख्शे बहुत-सी खूबियां थीं मरने वाले में।

उन दो पंक्तियों में मैंने अपनी पूरी कहानी लिख दी,
मौत बड़ी पास से गुजरी, जिन्द़गी ने होंठों पर झूठी मुस्कुराहट रख दी।
Maut Shayari Hindi

आता है कौन कौन तेरे ग़म को बांटने,
तू अपनी मौत की अफवाह उड़ा के देख।

तमाम उम्र जो हमसे बेरुखी की सबने,
कफ़न में हम भी अजीज़ों से मुँह छुपा के चले।

मैं अब सुपुर्दे ख़ाक हूँ मुझको जलाना छोड़ दे,
कब्र पर मेरी तू उसके साथ आना छोड़ दे,
हो सके गर तू खुशी से अश्क पीना सीख ले,
या तू आँखों में अपनी काजल लगाना छोड़ दे।

ना मिलने कि खुशी,
ना खोने का गम,
ज़िन्दगी ने हमें यूं संवारा,
अब मौत से डरते नहीं हम।

ऐ मौत आ कर हमको खामोश तो कर गयी तू,
मगर सदियों दिलों के अंदर हम गूंजते रहेंगे।

लम्बी उम्र की दुआ मेरे लिए न माँग,
ऐसा न हो कि तुम भी छोड़ दो और मौत भी न आये।

वो कर नहीं रहे थे मेरी बात का यकीन,
फिर यूँ हुआ के मर के दिखाना पड़ा मुझे।

कुछ रियायतें अता कर दो,
मेरे अपने हो गैर नहीं,
सजा टूट कर जीने की है,
मौत की नहीं।

मैंने खुदा से एक दुआ मांगी,
दुआ में अपनी मौत मांगी,
खुदा ने कहा मौत तो तुझे दे दूँ,
पर उसका क्या जिसने हर दुआ में तेरी जिंदगी मांगी।
Maut Shayari in Hindi

ऐ हिज्र वक़्त टल नहीं सकता है मौत का,
लेकिन ये देखना है कि मिट्टी कहाँ की है।

तू बदनाम ना हो इसलिए जी रहा हूँ मैं,
वरना मरने का इरादा तो रोज होता है।

मौत तू तो जवाब दे,
लोगों की भीड़ में अकेला हूँ,
कम से कम तू तो मेरा हाथ थाम ले।

कौन जाने कब मौत का पैगाम आ जाये,
ज़िंदगी की आखरी शाम आ जाये,
हम तो ढूंढते हैं वक़्त ऐसा जब,
हमारी ज़िन्दगी आपके काम आ जाये।

आखिरी दीदार कर लो खोल कर मेरा कफ़न,
अब ना शरमाओ कि चश्म-ए-मुन्तजिर बेनूर है।

न उड़ाओ यूं ठोकरों से मेरी खाके-कब्र ज़ालिम,
यही एक रह गई है मेरे प्यार की निशानी।

याद कर रहे भूलने को,
साँसे भर रहे है, मौत चूमने को।

लम्हा लम्हा सांसें खत्म हो रही हैं,
ज़िन्दगी मौत के पहलू में सो रही है,
उस बेवफा से ना पूछो मेरी मौत की वजह,
वह तो ज़माने को दिखने के लिए रो रही है।

तमाम गिले-शिकवे भुला कर सोया करो यारो,
सुना है मौत किसी को कोई मोहलत नहीं देती।

मिट्टी मेरी कब्र से उठा रहा है कोई,
मरने के बाद भी याद आ रहा है कोई,
कुछ पल की मोहलत और दे दे ऐ खुदा,
उदास मेरी कब्र से जा रहा है कोई।

मेरी मौत उस दिन ही हो गई थी,
जिस दिन तुमने मुझको धोखा दिया,
अब तो बस खाक होना बाकी हैं।
Maut Shayari

इश्क के नाम पर दीवाने चले आते हैं,
शमा के पीछे परवाने चले आते हैं,
तुम्हें याद ना आये तो चले आना मेरी मौत पर,
उस दिन तो बेगाने भी चले आते हैं।

अब तलक हम मुन्तजिर रहे हैं जिनके,
उनको हमारा ख्याल तक न आया,
उनके प्यार में हमारी जान तक चली गयी,
उनको हमारी मौत का मलाल तक न आया।

वादे भी उसने क्या खूब निभाए हैं,
ज़ख्म और दर्द तोहफे में भिजवाए हैं,
इस से बढ़कर वफ़ा कि मिसाल क्या होगी,
मौत से पहले कफ़न का सामान ले आये हैं।

सबको जाना है एक दिन लेकिन किसी को पता नहीं,
गुम ऐसे हुए है दुनिया में जैसे उसे कुछ होने वाला नहीं।

मौत मांगते हैं तो ज़िन्दगी खफा हो जाती है,
ज़ेहर लाते हैं तो वो भी दवा हो जाता है,
तू ही बता ए मेरे दोस्त क्या करूँ,
जिसको भी चाहते हैं वो बेवफा हो जाता है।

चले आओ मुसाफिर
आखिरी साँसें बची हैं कुछ,
तुम्हारी दीद हो जाती तो
खुल जातीं मेरे आँखें।

कितना और दर्द देगा बस इतना बता दे,
ऐसा कर ऐ खुदा मेरी हस्ती मिटा दे,
यूं घुट घुट के जीने से तो मौत बेहतर है,
मैं कभी न जागूं मुझे ऐसी नींद सुला दे।
Maut Shayari in Hindi

मौत भी टकराया न जाने कितने बार मुझसे,
पर मैं तेरा दीवाना था किसी और पे कैसे मर सकता था।

कितना दर्द है दिल में दिखाया नहीं जाता,
किसी की बर्बादी का किस्सा सुनाया नहीं जाता,
एक बार जी भर के देख लो इस चहेरे को,
क्योंकि बार-बार कफ़न मुहं से उठाया नहीं जाता।

जला है जिस्म तो दिल भी जल गया होगा,
कुरेदते हो जो अब राख जुस्तजू क्या है?

अब तो घबरा के ये कहते हैं कि मर जायेंगे,
मर के भी चैन न पाया तो किधर जायेंगे।

कितने भी पैर जमा ले दुनिया में,
मौत इक दिन उखाड़ ले जाएगी।

मौत से कह दो की हम से नाराज़गी खत्म कर ले अब,
वह भी बहुत बदल गए हैं जिनके लिए जिया करते थे हम।

जरा चुपचाप तो बैठो कि दम आराम से निकले,
इधर हम हिचकी लेते हैं उधर तुम रोने लगते हो।

वादा करके और भी आफ़त में डाला आपने,
ज़िन्दगी मुश्किल थी अब मरना भी मुश्किल हो गया।

जिसके झूठ पर ज़िन्दगी काटनी है,
उसके सच पर मौत लूटा दी होती।

आशिक़ मरते नहीं सिर्फ दफनाए जाते हैं,
कब्र खोद कर देखो इंतज़ार में पाए जाते हैं।

खबर सुनकर मरने की वो बोले रक़ीबों से,
खुदा बख्शे बहुत-सी खूबियां थीं मरने वाले में।

दो अश्क मेरी याद में बहा जाते तो क्या जाता,
चन्द कालियां लाश पे बिछा जाते तो क्या जाता,
आये हो मेरी मय्यत पर सनम नक़ाब ओढ़ कर तुम,
अगर ये चांद का टुकडा दिखा जाते तो क्या जाता।

जिनका ना होना ही ज़िन्दगी है,
भला फिर ये मौत रोज क्यूँ आती है।

यूँ दिल से दिल को जुदा न कीजियेगा,
ज़रा सोच समझ कर फैसला कीजियेगा,
अगर जी सकते हो आप मेरे बिना,
तो बेशक मेरी मौत की दुआ कीजियेगा।

चंद साँसे बची हैं आखिरी बार दीदार दे दो,
झूठा ही सही एक बार मगर तुम प्यार दे दो,
ज़िन्दगी तो वीरान थी मौत भी गुमनाम ना हो,
मुझे गले लगा लो फिर चाहे मौत हजार दे दो।

दो गज़ ज़मीन सही मेरी मिल्कियत तो है,
ऐ मौत तूने मुझको ज़मींदार कर दिया।

अब तलक हम मुन्तजिर हैं जिनके,
उनको हमारा ख्याल तक न आया,
उनके प्यार में हमारी जान तक चली गयी,
और उनको हमारी मौत का मलाल तक न आया।

तुम्हें छोड़ने का मेरा इरादा ना था,
ये जालिम मौत आई जिस पर मेरा कोई जोर ना था।

जीना चाहता हूँ मगर जिंदगी रास नहीं आती,
मरना चाहता हूँ मगर मौत पास नहीं आती,
उदास हूँ इस जिंदगी से इसलिए क्योंकि,
उसकी यादें तड़पाने से बाज नहीं आतीं।

ऐ मौत तुझे एक दिन आना है भले,
आ जाती शबे फुरकत में तो अहसां होता।

लम्हा लम्हा सांसें ख़त्म हो रही हैं,
जिंदगी मौत के आगोश में सो रही है,
उस बेवफा से न पूछो मेरी मौत के वजह,
वही तो कातिल है दिखाने को रो रही है।

जिदंगी तो बड़ी दर्द देती है साहब,
बस मौत ही है जो सारे दर्दों से छुटकारा दिलाती है।

सांसें रुक जाती हैं जब मौत आती है,
सांसें ही मगर मौत का एहसास क्यों है।

हमारे प्यार का यूँ इम्तिहान न लो,
करके बेरुखी मेरी तुम जान न लो,
एक इशारा कर दो हम खुद मर जाएंगे,
हमारी मौत का खुद पे इल्ज़ाम न लो।

कितना दर्द है दिल में दिखाया नहीं जाता,
किसी की बर्बादी का किस्सा सुनाया नहीं जाता,
एक बार जी भर के देख लो इस चहेरे को,
क्योंकि बार बार कफ़न उठाया नहीं जाता।

लेकर जाये ज़िन्दगी को बाँहों में भर कर,
मौत में इतना लिहाज़ तो होना चाहिये।

आखिरी शब्द:

आशा करता हूँ की आपको यह Maut Shayari in Hindi पसंद आयी होंगी जहाँ हमने आपके लिए सबसे अच्छी Maut Shayari in Hindi साझा की है। मौत तो आनी है तो इसके बारे में सोचना ही क्यों है। हमेशा अपने अलग अंदाज में जिदंगी को जियों और कोशिश करो की जीते जी कुछ ऐसा कर जाओ की लोग आपके मरने के बाद भी आपको याद करे। लोग कहते है की पैसा कमाने से क्या फायदा जब हर किसी को मरना है तो लेकिन में कहता हूँ की पैसा इतना कमाओ की आपके जाने के बाद भी दुनिया में जब भी पेसो की आवश्यकता हों तो आपका पैसा काम में आये।

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