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इन्तजार शायरी | Intezaar Shayari, Quotes and Status Hindi

Intezaar Shayari - अगर जिंदगी में आये हो तो आपको इंतज़ार तो करना ही पड़ेगा क्युकी इस धरती पर जो भी आया है उसको इन्तजार करना पड़ा है अब चाहे वो इन्तजार स्कूल की छुट्टी होने का हो या फिर टीचर के आने का, कॉलेज की पढाई का हो या फिर नौकरी लगने का, सैलरी मिलने का हो या फिर सफलता प्राप्त करने का। आपको हर चीज में इन्तजार तो करना ही पड़ेगा।

Intezaar Shayari in Hindi

मेने ऐसे व्यक्तियों को देखा है जो कुछ मिनट इन्तजार करने के बाद ही परेशान हो जाते है लेकिन दुनिया का उसूल ही यही है की आपको इन्तजार तो करना ही पड़ेगा। आज के इस लेख में हमने आपके लिए सबसे अच्छे Intezaar Shayari साझा की है जिनको आप पढ़ सकते हो और अपने सोशल मीडिया के माध्यम से विश्वभर में पहुंचा सकते हो। तो फिर चलिए सीधे भड़ते है Intezaar Shayari की ओर.

Intezaar Shayari

फरियाद कर रही है यह तरसी हुई निगाह,
देखे हुए किसी को ज़माना गुजर गया।

एक रात वो गया था जहाँ बात रोक के,
अब तक रुका हुआ हूँ वहीं रात रोक के।

ऐ मौत उन्हें भुलाए ज़माने गुजर गए,
आ जा कि ज़हर खाए ज़माने गुजर गए,
ओ जाने वाले आ कि तेरे इंतजार में,
रास्ते को घर बनाए ज़माने गुजर गए।

ये कह-कह के हम दिल को समझा रहे हैं,
वो अब चल चुके हैं वो अब आ रहे हैं।

झुकी हुई पलकों से उनका दीदार किया,
सब कुछ भुला के उनका इंतजार किया
वो जान ही न पाए जज्बात मेरे,
मैंने सबसे ज्यादा जिन्हें प्यार किया।

दिन भर भटकते रहते हैं अरमान तुझसे मिलने के,
न ये दिल ठहरता है न तेरा इंतज़ार रुकता है।

वो तारों की तरह रात भर चमकते रहे,
हम चाँद से तन्हा सफ़र करते रहे,
वो तो बीते वक़्त थे उन्हें आना न था,
हम यूँ ही सारी रात करवट बदलते रहे।

किन लफ्जों में लिखूँ मैं अपने इन्तजार को तुम्हें,
बेजुबां है इश्क़ मेरा ढूँढता है खामोशी से तुझे।

आँखों को इंतज़ार की भट्टी पे रख दिया,
मैंने दिये को आँधी की मर्ज़ी पे रख दिया।

उल्फ़त के मारों से ना पूछो आलम इंतज़ार का,
पतझड़ सी है ज़िन्दगी और ख्याल है बहार का।
Intezaar Shayari Hindi

कहीं वो आ के मिटा दें न इंतज़ार का लुत्फ़,
कहीं क़ुबूल न हो जाए इल्तिजा मेरी।

एक लम्हे के लिए मेरी नजरों के सामने आजा,
एक मुद्दत से मैंने खुद को आईने में नहीं देखा।

जीने की ख्वाइश में हर रोज़ मरते हैं,
वो आये न आये हम इंतज़ार करते हैं,
जूठा ही सही मेरे यार का वादा,
हम सच मानकर ऐतबार करते हैं।

मुझको अब तुझ से मोहब्बत नहीं रही,
ऐ ज़िन्दगी तेरी भी मुझे ज़रूरत नहीं रही,
बुझ गये अब उसके इंतज़ार के वो दीये,
कहीं आस-पास भी उस की आहट नहीं रही।

क्यों किसी से इतना प्यार हो जाता है,
एक पल का इंतज़ार भी दुश्वार हो जाता है,
लगने लगते हैं अपने भी पराये,
और एक अजनबी पर ऐतबार हो जाता है।

ये इंतज़ार न ठहरा कोई बला ठहरी,
किसी की जान गई आपकी अदा ठहरी।

तड़प के देखो किसी की चाहत में,
तो पता चलेगा, कि इंतजार क्या होता है,
यूं ही मिल जाए, कोई बिना चाहे,
तो कैसे पता चलेगा, कि प्यार क्या होता है।

कब आ रहे हो मुलाकात के लिये,
हमने चाँद रोका है एक रात के लिये।

किश्तों में खुदकुशी कर रही है ये जिन्दगी,
इंतज़ार तेरा...मुझे पूरा मरने भी नहीं देता।

राह चलते तू औरों का दामन थाम ले,
मगर मेरे प्यार को भी तू थोड़ा पहचान ले,
कितना इंतज़ार किया है तेरे इश्क़ में मैंने,
जरा इस दिल की बेताबी को भी तू जान ले।
Intezaar Shayari

तुम देखना यह इंतज़ार रंग लायेगा ज़रूर,
एक रोज़ आँगन में मौसम-ए-बहार आएगी ज़रूर।

खुद हैरान हूँ मैं
अपने सब्र का पैमाना देख कर,
तूने याद भी ना किया
और मैंने इंतज़ार नहीं छोड़ा।

उनकी आवाज़ सुनने को बेकरार रहते हैं,
शायद इसी को दुनिया में प्यार कहते हैं,
काटने से भी जो ना कटे वक्त,
उसी को मोहब्बत में इंतज़ार कहते हैं।

इंतज़ार रहता है हर शाम तेरा,
यादें कटती हैं ले ले कर नाम तेरा,
मुद्दत से बैठे हैं यह आस पाले,
कि कभी तो आएगा कोई पैगाम तेरा।

हाथ कि लकीरों पर ऐतबार कर लेना,
भरोसा हो तो किसी से प्यार कर लेना,
खोना पाना तो नसीबों का खेल है,
ख़ुशी मिलेगी बस थोड़ा इंतज़ार कर लेना।

इक मैं कि इंतज़ार में घड़ियाँ गिना करूँ,
इक तुम कि मुझसे आँख चुराकर चले गये।

फिर आज कोई ग़ज़ल तेरे नाम न हो जाये,
कहीं लिखते लिखते शाम न हो जाये,
कर रहे हैं इंतज़ार तेरी मोहब्बत का,
इसी इंतज़ार में ज़िन्दगी तमाम न हो जाये।

आँखों को इंतज़ार का दे कर हुनर चला गया,
चाहा था एक शख़्स को जाने किधर चला गया,
दिन की वो महफिलें गईं रातों के रतजगे गए,
कोई समेट कर मेरे शाम-ओ-सहर चला गया।

जैसी है तेरी ख्वाइश वैसे प्यार करेंगे,
हर धड़कन पर अपनी वफ़ा का इक़रार करेंगे,
जहाँ भी जाओगे हर कदम हममे ही पाओगे,
इश्क़ के हर मोड़ पर तेरा इंतज़ार करेंगे।
Intezaar Shayari in Hindi

आँखों ने जर्रे-जर्रे पर सजदे लुटाये हैं,
न जाने जा छुपा मेरा पर्दानशीं कहाँ।

उसी तरह से हर एक ज़ख्म खुशनुमा देखे,
वो आये तो मुझे अब भी हरा-भरा देखे,
गुजर गए हैं बहुत दिन रफाकत-ए-शब में,
एक उम्र हो गई चेहरा वो चाँद-सा देखे।

पलकों पर रूका है समन्दर खुमार का,
कितना अजब नशा है तेरे इंतजार का।

उनकी अपनी मरजी हो,
तो वो हमसे बात करते है,
और हमारा पागलपन देखो क़ि
सारा दिन उनकी मरजी का इंतजार करते है।

मुझे हर पल तेरा इंतज़ार रहता है,
हर लम्हा मुझे तेरा एहसास रहता है,
तुझ बिन धडकनें रुक सी जाती हैं,
कि तू दिल में धड़कन बनके रहता है।

आदतन तुमने कर दिये वादे,
आदतन हमने भी ऐतबार किया,
तेरी राहों में हर बार रुककर,
हमने अपना ही इंतजार किया।

उठ-उठ के किसी का इंतज़ार करके देखना,
कभी तुम भी किसी से प्यार करके देखना।

कुछ बातें करके वो हमें रुला के चले गए,
हम न भूलेंगे यह एहसास दिला के चले गए,
आयेंगे कब वो अब तो यह देखना है उम्र भर,
बुझ रही है आग जिसे वो जला कर चले गए।

हर आहट पर साँसें लेने लगता है,
इंतज़ार भी भला कभी मरता है।

कभी तो चौंक के देखे कोई हमारी तरफ़,
किसी की आँख में हमको भी इंतज़ार दिखे।

रात क्या होती है हमसे पूछिए,
आप तो सोये सवेरा हो गया।
Intezaar Quotes Hindi

किसी रोज़ होगी रोशन मेरी भी ज़िंदगी,
इंतज़ार सुबह का नहीं तेरे लौट आने का है।

ये जो पत्थर है आदमी था कभी,
इस को कहते हैं इंतज़ार मियां।

आप करीब ही न आये इज़हार क्या करते,
हम खुद बने निशाना तो शिकार क्या करते,
साँसे साथ छोड़ गयीं पर खुली रखी आँखें,
इस से ज्यादा किसी का इंतज़ार क्या करते।

बेखुदी ले गई कहाँ हमको,
देर से इंतज़ार है अपना,
रोते फिरते हैं सारी-सारी रात,
अब यही बस रोज़गार है अपना।

कोई मिलता ही नहीं हमसे हमारा बनकर,
वो मिले भी तो एक किनारा बनकर,
हर ख्वाब टूट के बिखरा काँच की तरह,
बस एक इंतज़ार है साथ सहारा बनकर।

उनका भी कभी हम दीदार करते थे,
उनसे भी कभी हम प्यार करते थे,
क्या करे जो उनको हमारी जरुरत न थी
पर फिर भी हम उनका इंतज़ार करते थे।

अब तेरी मोहब्बत पर मेरा हक तो नहीं सनम,
फिर भी आखिरी साँस तक तेरा इंतजार करेंगे।

दिन भर भटकते रहते हैं अरमान तुझसे मिलने के,
न ये दिल ठहरता है न तेरा इंतज़ार रुकता है।
Intezaar Shayari, Status Hindi

तमाम उम्र तेरा इंतज़ार कर लेंगे,
मगर ये रंज रहेगा कि ज़िन्दगी कम है।

चले भी आओ तसव्वर में मेहरबां बनकर,
आज इंतज़ार तेरा दिल को हद से ज्यादा है।

इक रात वो गया था जहाँ बात रोक के,
अब तक रुका हुआ हूँ वहीं रात रोक के।

किश्तों में खुदकुशी कर रही है ये जिन्दगी,
इंतज़ार तेरा मुझे पूरा मरने भी नहीं देता।

जीने की ख्वाहिश में हम रोज़ मरते हैं,
वो आये न आये मगर इंतज़ार करते हैं,
झूठा ही सही पर मेरे यार का वादा है,
हम सच मान कर ऐतबार करते हैं।

आखिरी शब्द:

आशा करता हूँ की आपको यह Intezaar Shayari पसंद आयी होंगी जहाँ मेने आपके लिए सबसे अच्छी Intezaar Shayari साझा की है। अगर आपको यह शायरी पसंद आयी हो तो इन्हे अपने सोशल मीडिया पर जरूर से शेयर करें और उन सभी दोस्तों, गर्लफ्रेंड और रिस्तेदारो को भी भेजे जिनका आप बेसब्री से इन्तजार कर रहे है क्युकी मुझे पता है की आप भी किसी खास का आज भी इन्तजार करते है।

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